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एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिखाई हरी झंडी। टीबी मुक्त भारत के लिए एमसीबी से 100 दिवसीय अभियान की शुरुआत, गांव-गांव होगी हाईटेक जांच।

एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिखाई हरी झंडी। टीबी मुक्त भारत के लिए एमसीबी से 100 दिवसीय अभियान की शुरुआत, गांव-गांव होगी हाईटेक जांच।

 

एमसीबी, : विश्व क्षय दिवस के अवसर पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने नोएडा से वर्चुअल माध्यम से की, वहीं छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय शुभारंभ एमसीबी जिले से किया जाना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए की। उन्होंने बताया कि देश टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह 100 दिवसीय विशेष अभियान उसी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के दौरान संभावित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टीबी मुक्त भारत बनाने में जनभागीदारी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार का लक्ष्य तय समय से पहले टीबी को समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चले अभियान में 4113 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। इस दौरान मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की 118 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उत्कृष्ट कार्य के लिए गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब टीबी की जांच सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जाएंगी। आयुष्मान स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच की जाएगी, जिसमें रक्त जांच के साथ हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से मौके पर ही छाती का एक्स-रे किया जाएगा। आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से मात्र 5 से 10 मिनट में जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी, जिससे शुरुआती स्तर पर ही टीबी की पहचान संभव हो सकेगी और मरीजों का समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा।

जिले में वर्तमान में 203 टीबी मरीज उपचाररत हैं, जिनमें 7 एमडीआर और 4 टीबी संक्रमण के मरीज शामिल हैं। सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रतिमाह (6 माह तक) तथा राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 200 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। वहीं वर्ष 2025-26 में 205 निक्षय मित्रों द्वारा 283 मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में जांच सुविधाओं के लिए 3 ट्रू-नेट मशीन, 5 सामान्य एक्स-रे मशीन और 1 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच कार्य संचालित किया जा रहा है।

अभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। इसके बाद हाई रिस्क क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, शहरी और जनजातीय क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिलेभर में टीबी मुक्त भारत अभियान का प्रचार-प्रसार करेगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि “हम सब ने ठाना है, छत्तीसगढ़ से टीबी को भगाना है।

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