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जिले में धान उठाव ने पकड़ी रफ्तार, 2.83 लाख क्विंटल परिवहन के साथ 32.19 प्रतिशत प्रगति दर्ज* *समीक्षा और मॉनिटरिंग से बढ़ी रफ्तार, लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करने की तैयारी*

जिले में धान उठाव ने पकड़ी रफ्तार, 2.83 लाख क्विंटल परिवहन के साथ 32.19 प्रतिशत प्रगति दर्ज* *समीक्षा और मॉनिटरिंग से बढ़ी रफ्तार, लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करने की तैयारी

 

*एमसीबी/* धान खरीदी विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में धान उठाव अभियान ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। जिला प्रशासन की सुदृढ़ कार्ययोजना, विभागीय समन्वय और सतत मॉनिटरिंग के चलते उपार्जन केंद्रों से धान का सुरक्षित एवं समयबद्ध उठाव निरंतर जारी है। सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था के कारण उपार्जन केंद्रों में किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हो रही है और किसानों को भी किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

जिले के 19 हजार 58 किसानों से अब तक कुल 8 लाख 79 हजार 848 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है। विभिन्न उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की स्थिति इस प्रकार है जिसमें कछोड़ से 6,900 क्विंटल, केल्हारी से 35,130 क्विंटल, कटकोना से 1,790 क्विंटल, कोड़ा से 8,130 क्विंटल, कौड़ीमार से 17,380 क्विंटल, खड़गवां से 1,540 क्विंटल, बरदर से 19,530 क्विंटल, रतनपुर से 18,830 क्विंटल, सिंगहत से 13,610 क्विंटल, कुवांरपुर से 890 क्विंटल, घुटरा से 17,130 क्विंटल, कठौतिया से 21,760 क्विंटल, चैनपुर से 30,190 क्विंटल, बंजी से 7,220 क्विंटल, जनकपुर से 1,060 क्विंटल, डोडकी से 10,120 क्विंटल, नागपुर से 22,560 क्विंटल, बरबसपुर से 26,540 क्विंटल, माड़ीसरई से 8,120 क्विंटल तथा सिंगरौली से 900 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है।

अब तक जिले में कुल 2 लाख 83 हजार 240 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक उठाव पूर्ण हो चुका है, जो कुल उपार्जित धान का 32.19 प्रतिशत है। यह आंकड़ा जिले में उठाव कार्य की सतत और प्रभावी प्रगति को दर्शाता है। निर्धारित परिवहन व्यवस्था के तहत धान को सीधे मिलरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे भंडारण व्यवस्था संतुलित बनी हुई है और उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर उठाव कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है। जहां उठाव की गति अपेक्षाकृत कम है, वहां अतिरिक्त ट्रकों, श्रमिकों और संसाधनों की व्यवस्था कर कार्य में तेजी लाई जा रही है।

 

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