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चिरमिरी को विकास की नई रफ्तार: मुख्यमंत्री ने 127 करोड़ के 141 कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास, पर्यटन व रोजगार पर जोर*

चिरमिरी को विकास की नई रफ्तार: मुख्यमंत्री ने 127 करोड़ के 141 कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास, पर्यटन व रोजगार पर जोर*

 

एम सी बी चिरमिरी / एमसीबी जिले के चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र को विकास की नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 127 करोड़ रुपये की लागत वाले 141 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन कार्यों में सड़क, पुल, भवन, स्वास्थ्य सुविधाएं, विद्युत विस्तार, पेयजल व्यवस्था और नगरीय विकास से जुड़े अनेक प्रकल्प शामिल हैं, जिनसे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और आम जनता को सीधे तौर पर सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में समग्र खुशहाली आएगी। साथ ही चिरमिरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन रोकने पर भी जोर दिया गया।

 

*141 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास*

 

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत

82 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिन पर लगभग 40 लाख रुपये की लागत आई है।

59 नए कार्यों का शिलान्यास 8824.78 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से किया गया।

इनमें नगरीय अधोसंरचना, पेयजल, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट प्रमुख हैं।

 

“विभिन्न मोर्चों ने किया भव्य स्वागत*

 

मुख्यमंत्री का स्वागत भाजपा कमेटी, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, ओबीसी, एससी-एसटी एवं किसान मोर्चा के सदस्यों ने महामाला पहनाकर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

 

*चिरमिरी पर्यटन और शिक्षा का केंद्र बन सकता है: महापौर*

 

स्वागत उद्बोधन में महापौर रामनरेश राय ने कहा कि चिरमिरी अलग-अलग राज्यों के लोगों का समागम क्षेत्र रहा है, जिसकी आबादी कभी डेढ़ से दो लाख के बीच थी, पर अब क्षेत्र वीरान होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सकता है।

महापौर की मांग पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम को अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराने, बकरी संवर्धन केंद्र स्थापित करने, पुलिस चौकी, तहसील भवन तथा पर्यटन विकास के प्रयासों की घोषणा की।

 

*धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा दे रही है। राजिम मेले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर से लगभग 30 हजार साधु-संत पहुंचे, जिनमें 600 नागा साधु शामिल रहे, और 256 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।

 

*नक्सलवाद, आवास और किसान योजनाओं पर बयान*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से नक्सलवाद से प्रभावित रहा, लेकिन सरकार ने इसे समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ने आते ही बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए, जिनमें से 10 लाख से अधिक हितग्राही गृह प्रवेश कर चुके हैं।

कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 25 लाख 24 हजार किसानों से धान खरीदी की गई है। महतारी वंदन योजना की 22 किस्तें जारी हो चुकी हैं और तेंदूपत्ता संग्रहण से 12 लाख परिवार लाभान्वित हुए हैं। राम गमन पथ और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत हजारों श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं।

 

*सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा: स्वास्थ्य मंत्री*

 

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने का कार्य तेजी से चल रहा है। चिरमिरी में जिला अस्पताल और मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का संचालन कार्य प्रगति पर है। लोगों का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ा है। मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी संस्थान खोलने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने बताया कि 181 करोड़ रुपये की परियोजना से अगले 50 वर्षों के लिए पेयजल समस्या के समाधान हेतु घर-घर नल कनेक्शन का काम चल रहा है।

 

*बस्तर से सरगुजा तक बदलेगी तस्वीर: कृषि मंत्री*

 

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि 127 करोड़ रुपये के कार्यों से क्षेत्र की दिशा और दशा बदलेगी। सरकार गांव से शहर तक लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने को प्राथमिकता दे रही है।

 

*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद”

 

कार्यक्रम में महापौर रामनरेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले सहित कई जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे। संचालन शैलेंद्र मिश्रा ने किया तथा आभार प्रदर्शन निगम आयुक्त राम प्रसाद अचला ने किया। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने मुख्य श्री जगन्नाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान के चरणों में नमन किया तथा शिव मंदिर में जल अर्पित कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी सरकार मंदिर परिसर के समुचित विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मंदिर परिसर स्थित आनंद बाजार में मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ सादगी पूर्वक जमीन में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे जनसरोकार और समानता का संदेश गया। श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की उन्नति और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री के इस आध्यात्मिक प्रवास ने चिरमिरी की धरती पर विकास और धर्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। एक ओर जहां 127 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी गई, वहीं दूसरी ओर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की गई। इस प्रकार यह दिन केवल विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक बन गया।

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