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जगद्गुरु के अपमान के विरोध में सनातनियों का फूटा आक्रोश, फूंका चरणदास महंत का पुतला चिरमिरी में श्रीराम कथा आयोजन समिति का जोरदार प्रदर्शन, “सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं” महिलाओं सहित बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी हुए शामिल, सार्वजनिक माफी की उठी मांग

जगद्गुरु के अपमान के विरोध में सनातनियों का फूटा आक्रोश, फूंका चरणदास महंत का पुतला चिरमिरी में श्रीराम कथा आयोजन समिति का जोरदार प्रदर्शन, “सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं” महिलाओं सहित बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी हुए शामिल, सार्वजनिक माफी की उठी मांग

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चिरमिरी, एमसीबी :- छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य को लेकर दिए गए बयान के विरोध में चिरमिरी में सनातन समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया। श्रीराम कथा आयोजन समिति एवं सनातन धर्मावलंबियों ने हल्दीबाड़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने विरोध सभा आयोजित कर डॉ. महंत का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान “महंत मुर्दाबाद”, “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “जगद्गुरु का अपमान बंद करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में महिला सदस्य, युवा और आयोजन समिति के पदाधिकारी हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारियों ने डॉ. चरणदास महंत की तस्वीर के साथ “रावण” लिखी तख्तियां दिखाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

बीते दिनों चिरमिरी में आयोजित भव्य श्रीराम कथा महोत्सव के दौरान एमसीबी प्रवास पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का एक बयान राजनीतिक और धार्मिक विवाद का कारण बन गया। डॉ. महंत द्वारा जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य को लेकर की गई टिप्पणी को कथा आयोजन समिति और सनातन समाज ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर हमला बताया है।

 

इसी विरोध में कथा समाप्ति के बाद चिरमिरी के हल्दीबाड़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा विरोध सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी, महिला सदस्य और आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य केवल एक संत नहीं बल्कि करोड़ों सनातनियों की श्रद्धा, आस्था और संस्कृति के प्रतीक हैं। उनके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना पूरे सनातन समाज का अपमान है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

श्री राम कथा आयोजन समिति चिरमिरी के अध्यक्ष डमरू बेहरा ने कहा कि

“इतने बड़े धार्मिक आयोजन में हम लोगों ने सभी को आमंत्रित किया था, क्योंकि जगद्गुरु द्वारा कथा का पान कर पाना सौभाग्य की बात है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष द्वारा जगद्गुरु के लिए इस तरह की टिप्पणी हम सनातनी बिल्कुल भी सहन नहीं कर सकते।”

 

वहीं समिति से जुड़े काकू अरोरा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि

“मैं उस शख्स का नाम भी नहीं लेना चाहता जिसने मेरे धर्मगुरु का अपमान किया और अमर्यादित टिप्पणी की। ऐसे लोगों का अंत निश्चित है।”

 

श्री राम कथा आयोजन समिति चिरमिरी के प्रचार-प्रसार प्रभारी रीत जैन ने कहा कि

“आपका बयान अधर्मी मानसिकता को दर्शाता है। सनातनियों का यह आक्रोश आने वाले चुनाव में भी देखने को मिलेगा। महंत जी, आपकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। आपका यह बयान आपके हिंदू होने पर भी सवाल खड़ा करता है। क्या कांग्रेस के नेता यह मान चुके हैं कि अपनी राजनीतिक इच्छा के लिए हिंदू विरोधी बयान ही उन्हें जिंदा रख सकता है।”

 

सभा में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि सनातन धर्म, संत-महात्माओं और धार्मिक आस्थाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी को समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। प्रदर्शनकारियों ने डॉ. चरणदास महंत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की बयानबाजी दोहराई गई तो प्रदेशभर में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

 

विरोध सभा के अंत में आयोजन समिति के सदस्यों ने डॉ. चरणदास महंत का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भारी भीड़ और पुलिस की मौजूदगी रही।

 

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है, लेकिन श्रीराम कथा आयोजन समिति का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य के सम्मान और सनातन आस्था की रक्षा करना है।

 

 

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मुख्य बिंदु (हाइलाइट्स)

 

जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन

 

चिरमिरी में चरणदास महंत का पुतला दहन

 

सनातन समाज और महिलाओं की बड़ी भागीदारी

 

सार्वजनिक माफी की मांग

 

“सनातन आस्था के अपमान” पर जताया रोष

 

श्रीराम कथा आयोजन समिति ने किया आयोजन

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