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CMHO डॉ. अविनाश खरे की संवेदनशीलता, दूरस्थ गांव में बीमार दंपत्ति को घर पर मिली स्वास्थ्य सेवाएं,शुरू हुआ उपचार।

CMHO डॉ. अविनाश खरे की संवेदनशीलता, दूरस्थ गांव में बीमार दंपत्ति को घर पर मिली स्वास्थ्य सेवाएं,शुरू हुआ उपचार।

एमसीबी। सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में छपी खबर पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। विकासखंड भरतपुर के दूरस्थ ग्रामपंचायत धोवाताल में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति समय लाल पंडो और उनकी पत्नी श्रीमती रूक्मन पंडो, लंबे समय से गंभीर बीमारियों और समुचित इलाज के अभाव में संघर्ष कर रहे थे। जैसे ही यह मामला डॉ. खरे के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना समय गंवाए तत्काल एक विशेष हेल्थ टीम को बुजुर्ग दंपत्ति के घर रवाना किया।

 *मौके पर पहुंची हेल्थ टीम, घर पर मिला इलाज*

CMHO के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम फौरन ग्राम मनटोलिया ,ग्राम पंचायत धोवाताल बरेल में बुजुर्ग दंपत्ति के निवास स्थान पर पहुंची। टीम ने दोनों बुजुर्गों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद दोनों की वर्तमान स्थिति के अनुसार आवश्यक उपचार शुरू किया गया और उन्हें मौके पर ही निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।

*बुजुर्ग दंपत्ति की स्वास्थ्य स्थिति*

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने दंपत्ति की मेडिकल स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की

 *समय लाल पंडो* वे उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की बीमारी से पीड़ित हैं। हेल्थ टीम ने उनकी जांच की है आवश्यक दवाई उपलब्ध कराई गईऔर उनकी बीपी की दवाइयां नियमित रूप से दी जा रही हैं। पूर्व में इनकी नियमित स्वास्थ्य जांच भी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा की जाती रही है

 *श्रीमती रूक्मन पंडो* वे पूर्व में कुष्ठ रोग (Leprosy) से ग्रसित थीं। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से उनका कुष्ठ रोग का इलाज पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

 वर्तमान में उन्हें उम्र संबंधी अन्य दिक्कतों के लिए जरूरी चिकित्सकीय परामर्श और दवाएं दी गई हैं।नियमित निगरानी के सख्त निर्देशबुजुर्ग दंपत्ति को भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डॉ. अविनाश खरे ने कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के:चिकित्सा अधिकारी ,सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ,स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन इन सभी को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस बुजुर्ग दंपत्ति के घर का नियमित दौरा करें। टीम को दोनों के स्वास्थ्य की निरंतर देखभाल करने और उनकी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि उन्हें दोबारा इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित और मानवीय पहल की ग्रामीण क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

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