IMG-20260821-WA0007
IMG-20260821-WA0006
IMG-20260821-WA0005(2)
IMG-20260821-WA0005(1)
IMG-20260821-WA0003
IMG-20260821-WA0002
IMG-20260821-WA0005
IMG-20260821-WA0004
IMG-20260821-WA0001
IMG-20260821-WA0000
IMG-20260821-WA0008

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संवेदनशील पहल रंग लाई* *भालू हमले की पीड़िता प्रेमबाई के घर पहुँची मेडिकल बोर्ड टीम, 55% दिव्यांगता की पुष्टि* *जिले में मानवता और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल, सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के निर्देश पर घर पहुंचकर हुई जांच*

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संवेदनशील पहल रंग लाई* *भालू हमले की पीड़िता प्रेमबाई के घर पहुँची मेडिकल बोर्ड टीम, 55% दिव्यांगता की पुष्टि* *जिले में मानवता और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल, सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के निर्देश पर घर पहुंचकर हुई जांच*

IMG-20260821-WA0007
IMG-20260821-WA0006
IMG-20260821-WA0005(2)
IMG-20260821-WA0005(1)
IMG-20260821-WA0003
IMG-20260821-WA0002
IMG-20260821-WA0005
IMG-20260821-WA0004
IMG-20260821-WA0001
IMG-20260821-WA0000
IMG-20260821-WA0008

 

 

*एमसीबी/ 22 मई 2026/* छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संवेदनशील सोच और जनहितैषी कार्यशैली का सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भालू हमले की पीड़िता प्रेमबाई गोंड को राहत पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऐसा मानवीय कदम उठाया, जिसकी पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।

ग्राम चिडोला निवासी प्रेमबाई गोंड, जो पिछले वर्ष भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, उनकी पीड़ा और परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने तत्काल संवेदनशील पहल की। उनके निर्देश पर गठित जिला मेडिकल बोर्ड की टीम स्वयं पीड़िता के घर पहुंची और घर पर ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।

मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए परीक्षण में प्रेमबाई गोंड में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि की गई। साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, जिससे उन्हें वन विभाग से मिलने वाली सहायता राशि, बीमा लाभ एवं अन्य शासकीय सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।

भालू हमले ने बदल दी जिंदगी, चली गई एक आंख की रोशनी

जानकारी के अनुसार 20 जून 2025 को जंगल क्षेत्र में लकड़ी और अन्य वन उपज संग्रहण के दौरान प्रेमबाई गोंड पर अचानक भालू ने हमला कर दिया था। इस दर्दनाक घटना में उनकी एक आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उनकी दृष्टि हमेशा के लिए चली गई। घटना के बाद से उनका जीवन शारीरिक पीड़ा, आर्थिक कठिनाइयों और असहाय परिस्थितियों के बीच गुजर रहा था।

वन विभाग से सहायता राशि प्राप्त करने के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र अनिवार्य था, लेकिन आर्थिक तंगी और शारीरिक अस्वस्थता के कारण उनके लिए जिला अस्पताल तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई।

स्वास्थ्य मंत्री की मंशा के अनुरूप संवेदनशील प्रशासनिक पहल

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल लगातार अधिकारियों को यह निर्देश देते रहे हैं कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पहुंचाया जाए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए मेडिकल बोर्ड की टीम को गांव भेजने का निर्णय लिया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। इससे पीड़िता और उनके परिवार को न केवल मानसिक राहत मिली, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त करने का रास्ता भी आसान हो गया।

ग्रामीणों ने जताया आभार, कहा – यही है सच्ची जनसेवा

ग्राम चिडोला सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की व्यापक सराहना हो रही है। ग्रामीणों एवं पीड़िता के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्रामीणों का कहना है कि किसी गरीब और असहाय महिला के घर तक पहुंचकर मेडिकल जांच करना वास्तव में संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी शासन व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रशासन इसी तरह जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित और मानवीय समाधान करता रहेगा।

मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण

एमसीबी जिले में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरणादायक संदेश भी है। एक पीड़ित महिला को उसके अधिकार दिलाने के लिए मेडिकल बोर्ड का घर तक पहुंचना शासन की सकारात्मक कार्यशैली, जवाबदेह प्रशासन और जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण माना जा रहा है।

 

 

IMG-20260821-WA0007
IMG-20260821-WA0006
IMG-20260821-WA0005(2)
IMG-20260821-WA0005(1)
IMG-20260821-WA0003
IMG-20260821-WA0002
IMG-20260821-WA0005
IMG-20260821-WA0004
IMG-20260821-WA0001
IMG-20260821-WA0000
IMG-20260821-WA0008

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button